GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyजीवन का एक पड़ाव तम सा छाया सफर उम्र का वो घोल कैसे समझू इसको जीवन है अनमोल। आस भरी है इसमें उम्मीदों की डोर मन को यह भ्रमित करें जाऊं मैं किस ओर जिंदगी क्षण भर की क्यूं भटकूं दर बदर लक्ष्य एक साध कर जी लू इसक...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा Kapil TiwariThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें