जीवन का एक पड़ाव
तम सा छाया सफर उम्र का वो घोल कैसे समझू इसको जीवन है अनमोल। आस भरी है इसमें उम्मीदों की डोर मन को यह भ्रमित करें जाऊं मैं किस ओर  जिंदगी क्षण भर की क्यूं भटकूं दर बदर लक्ष्य एक साध कर जी लू इसक...
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