दिशा
लम्हा-लम्हा मुझसे कहता है तू अगले की तैयारी कर,भटक रहा है क्यूं क्षण-क्षणमन से कहो बेगारी कर..बूंद-बूंद से घट भरता है तिनके-तिनके से बनता है नीड़,एक काम पर फोकस करलोनहीं करोगे, हो जाओगे क्षी...
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े