महामंगला छंद आधारित कविता : बाज!
महामंगला छंद आधारित रचना।खो कर अपना वतन, देगा कैसे धीर।देख राष्ट्र का पतन, बढ़ी मनुज की पीर।युद्ध नाश की वजह, हथियारों की होड़।जागो जन-गण सकल, ढूंढो विधिवत तोड़।।सदा संप्रभु-सजग, हो मनु अपना देश।बुरी जहा...
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