GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyआम आदमी और नेता!नहीं योग्यता चाहिए, ऐसा सेवा धर्म।बढियाँ है नेतागिरी, पूर्ण समय का कर्म।।कुर्सी चालीसा पढ़े, ज्ञानी बहुजन आज।जनता की सुनते नहीं, भानरहित है काज।।जब चुनाव है सामने, सजता है बाज़ार।झूठे वादे दे सदा, करता ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें