समरांगण...
पुष्पमाला छंद मापनी २१ २२२ १२दिनांक : 24-04-2026शीर्षक : समरांगणविश्व समरांगण सजा।शंख रण में है बजा।शस्त्र हाटों पर बिके।ओस पलकों पर टिके।।आह मनु की जग सुने।चाह मखमल की बुने।ताप से दिल है ...
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