साकी! तेरे मयखाने में...
साकी! तेरे मयखाने में … जिंदगी से सुलह कर ली!रिश्ते-नातों को दफ़न कर  .... तेरी बाँहों में पनाह ले ली!दुनियाँ के अंधेरों में  … जब साएँ भी दगा दे गएँ .... साकी! तेरे मयखान...
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