GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyदोहावलीदोहावलीप्राची से ले लालिमा, आयी हौले भोर।सृष्टि रूप मोहिनी सा, पंछी करते शोर।।बरसे बादल जोर से, नाचे वन में मोर।बूंद बूंद मोती झरे, होवे जिया विभोर।।डाल डाल जब डोलती, करे पुष्प बौछार।झूले पेडों पर पडे...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें