GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyश्री रामश्री राम रमापति चरणों में,वंदन प्रभु वारंवार करूँ।।पुरुषोत्तम रघुनंदन हो,मर्यादा पालनहारे हो।।सुखदाता रघुवीरा हो,भक्तों के सुमीत सहारे हो।।अयोध्यापति राघव हो,दीनों के तारणहारे हो।।अजरामर अविनाशी हो।अव...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें