अंतिम इच्छा!
मेरी भावना:दोहे!मुझे जला मत मानवी , दफ़ना  मत प्रिय आज।बाद मौत के खोल दो, अंगदान का राज।।मृत्यु भोज की चाहना,  लाती दिल अवसाद।अस्थि कलश मत भेजना, जल जाने के बाद।।काम किसी के आ गई, अंग-अंग आगा...
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