शिव सावन की बौछारें
शीर्षक-शिव हरिगीतिका छंद आधारित गीत- ऊपर उठे जो राग से, करते सदा जग का भला।हैं शिव वही संसार में, सब दूर करते हैं बला।। है सर्पमाला कंठ में, मस्तक विराजे चंद्रमा।मृगछाल पर बैठे सदा, नित पास रहती हैं...
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