कन्यादान
कन्यादानघर आँगन की कली,प्रेम स्नेह से है पली,जायेगी जब ससुराल, दिल थाम लिजिए।।बोल बोले मीठे मीठे,अमृत सा रस घोले,पायेगी लाडो सम्मान,शिक्षा धन दिजिए।।नव यौवना लाडली,तितली सी मनचली,दमकेगी दीपज्योति...
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