अरुण छंद
नमन माँ शारदेअरुण छंदमोद से, उल्लसित, भाव हिय शांति का।मेल से, मन मिले, अंत हो भ्रांति का।।प्रेम के, रंग में, इंद्रधनुषी जिया।पुष्पिता, हो धरा, हरितिमा वादियां।।दंभ का, द्वेष का, ...
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