दो पैरों वाला प्राणी
दो पैरों वाला ये प्राणी है जन्मों जन्मों का शातिर | इसने रब का खेल बनाया छल के मंसूबों की खातिर || रब जो यत्र तत्र मिलता था भोले चेहरों पर खिलता था | मीठी वाणी सुथरे मन में अविरल गंगा सा...
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