हार मत!
ज़िन्दगी की जंग में हार मत,प्रतिकार कर!गलतियों से सबक ले,मंज़िल की राह प्रशस्त कर!जुझारू बन!गुलामी से इंकार कर!ज़िन्दगी से समझौता भले ही कर, ज़मीर से समझौता न कर!पथरीली पगदंडी पर आगे बढ़,कोशिशों को नई...
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े