GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyजैसे तैसे कटे उनकी जिंदगी..जैसे-तैसे कटे जिंदगी,उन धन-हीन गरीबों की।मिलती मुश्किल से दो रोटी,फूटे भाग नसीबों की।।करते नेता मौज मस्तियां,लगी बोली जमीरों की।लूट रहा ये देश देख लो,टोली बनी अमीरो की।।देश चाहे गर्त में जाए,चिंता कब ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा अशोक दोषीThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें