खुद की खोज कर...
अमावस के धुप्प अंधेरों में चाँद का दीदार कर, कोशिशों के बल पर अंतरिक्ष में उड़ान भर! जीवन-प्रमाण खोजने मंगल की ओर कुच कर! तन्हाईयों में खुद को जानने का अट्टाहास कर! कोयले की खदान से हीरा...
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े