मुँह-दिखाई!
शीर्षक : मुँह-दिखाई! मधुचन्द्रमा की रात में, चाँद खेले आँख-मिचौली! सावन की बरसात में, भीगी निशा की तंग चोली! नववधु सी सिमटी-सिमटी, प्रियवर बाहुपाश में लिपटी! ...
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े