GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyइमोजीइमोजीमेरे अंतस की भाव गंगा, प्रेषित करता है इमोजी।।साझेदार मेरे मानस का,परम मित्र, मेरा सहयोगी।।मनोभाव मानस दर्पण, हर संदेश का यह साक्षी।।मिडिया का हो सही उययोग,उपभोगी न बने इमोजी।।सोच समझ क...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें