GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyउसकी हंसीतुम्हारी हंसी जैसे चाँदनी रात,दिल में भरती है खुशियों की सौगात।तेरी आँखों में जो देखी, वो ही मेरी कायनात,तेरी हर अदा से सजती है मेरी ज़िंदगी की बारात।गर तू गुलाब है, तो मैं तेरी खुशबू बन जाऊं,तेरी राह...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा Yogesh AwasthiThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें