GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyसंतुष्टि में सुकूनसंतुष्टि में सुकूनउमस भरी दोपहरी में रिमझिम बारिश का आना, भीगे तन-मन, मिलता है आह्लादित सुकून।।अकेलेपन की मुरझाती उदास जिंदगी में,किसी बिछड़े का मिलना, खिलता पुष्प सा सुकून।। पतझड़ के मौसम म...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें