ये प्यार ही तो ज़िन्दगी...भाग ८५
भाग ८५आजी की बातें जानकी जी के मन में तांडव कर रही थी। 'पोरी चं लग्न कधी करतेस? काखेला कळसा अन गावाला वळसा?' सामान्य परिस्थिति में वज्र का रिश्ता आता तो क्या जानकी जी इतना सोचती? लेकिन अब.. हार्ट ट्रा...
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