तिनका
एक तिनका उठा धरातल सेअपनों के हठ आंचल से,मैं हवा के रुख से बढ़ जाऊँगाजल्दी ही मैं उड़ जाऊँगा,आस जगी तो छोड़ दिया,अपनों से मुख को मोड़ दिया,चलने लगा गगन की ओर जहाँ हवा का रुख था जोर,देख-देख वैभव इ...
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