बोल सको तो
बोल सको तो मीठा बोलो।विष वाणी में प्रिय मत घोलो।।घाँव शस्त्र के मिट जाएंगे। बोल नहीं कटु सह पाएंगे।।जीभ बला सब लाती भारी।वक़्त हरे कब पीड़ा सारी।।बोलो तोल-मोल कर प्यारे।खेल-खेल में वारे-न्यारे।।अनु...
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