GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyबाला छंद बाला छंद (वर्णिक छंद)3 रगण +गुरु = 10 वर्ण (212 212 212 2)रात में तारिका है लुभाती।चांदनी में नहाने बुलाती।।चन्द्रमा की कला मोह लेती। कुंतलों को खुला व्योम देती।।रागिणी मीत की गा रही है।मोहि...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें