अब तो अंधेरें मुझे..
अब तो अंधेरें भी मुझे ड़राते नहीं,मुश्किलें भी राह से डिगाती नहीं,खौफ़ के साये हौंसले चुराते नहीं,धूप-छाँव में लक्ष्य से भटकाते नहीं!अंधेरों से क्यों डरें हम मान्यवर?रात की कोख में पलता दिवाकर!अंधेरों क...
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