नारी!
नारी होना भी एक अलग एहसास है...ना दिखने वाली कोई आदि शक्ति उसके पास है...हर नारी लगती तो साधारण  पर बात सब में कोई ख़ास है...भेद होता आया साथ उसके, कल भी और आज है...कैसे भूल जाता है ये समाज कि ना...
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