कुण्डलिया छन्द
कुंडलिया छन्द में...1.मीरा गिरधर को भजे, भूली सारा काज |तानपुरा ले गा रही, जोगण मीरा आज ||जोगण मीरा आज, छोड़ दी जग की माया |कृष्ण-भजन में लीन, मोड़ मन कंचन काया ||सब आभूषण त्याग, राजसी ढूंढा हीरा | ...
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