GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyकुण्डलिया छन्द कुंडलिया छन्द में...1.मीरा गिरधर को भजे, भूली सारा काज |तानपुरा ले गा रही, जोगण मीरा आज ||जोगण मीरा आज, छोड़ दी जग की माया |कृष्ण-भजन में लीन, मोड़ मन कंचन काया ||सब आभूषण त्याग, राजसी ढूंढा हीरा | ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें