GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyरोटीफोटो प्रतियोगितारोटी याद दिलाये माँ के नेह-ममता की,चुपडी रोटी, मन मोहे खुशबू देसी घी की,प्यार-दुलार, मोह-माया माँ के आँचल की,रोटी के आगे रंगत फिकी पंच पकवान की।।स्वरचित मौलिक रचनाचंचल जैनLabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें