मनु!
महामंगला छंद आधारित अष्ठकल + 111, अष्ठकल + 21रच्चणहारे सकल, सृष्टि मातु के नाथ।मिट्टी से कर सृजन, मनुज वरद मति साथ।रिद्धि-सिद्धि पा अधिक, पगलाया मनु आज। अरिहंता बन अरिदल, करता दानव-काज।।अहंक...
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