GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyमनु!महामंगला छंद आधारित अष्ठकल + 111, अष्ठकल + 21रच्चणहारे सकल, सृष्टि मातु के नाथ।मिट्टी से कर सृजन, मनुज वरद मति साथ।रिद्धि-सिद्धि पा अधिक, पगलाया मनु आज। अरिहंता बन अरिदल, करता दानव-काज।।अहंक...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें