GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyदोहे...मनवा चंचल हैं बड़ा, वानर सम हैं काम| दौड़े घोड़े सा बहुत, रख ले हाथ लगाम||मंजिल तेरी दूर हैं, चाँद-सितारों पार |भागीरथ सम यत्न हैं, सफल मनुज का सार!त्याग, समर्पण के बिना, नहीं प्रेम का मोल |व...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें