GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodify'चौपाई' छन्द में अभिव्यक्ति...चौपाई छन्द में प्रस्तुति :शीर्षक : त्रिपुरारी!बदरी काली घिर-घिर आई,कजरी गाएं लोग-लुगाई,बूंद-बूंद भर गगरी लाई,वन-उपवन हैं रंगत छाई।सूरजमुखी लड़ाएं नैना,तारों से सज आई रैना,ढ़ोल-मंजिरा, मृदंग बाजे,मुरली श...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें