ये इश्क़ हाय...
शीर्षक : ये इश्क़ हाय...जीने देता है न मरने देता है...कंबख्त! होले से दस्तक देता है, दिल के दरवाजे पर, लूट कर रफूचक्कर हो जाता है....रातों की नींद, दिल का सुकून-चैन! ख्वाहिशें बहुत ह...
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