भूख की लड़ाई
क्या है पढाई,
मावा मलाई,
हम तो लड़ रहे,
भूख की लड़ाई।।
न मन का खाया,
न मन का पाया,
मिली न छत्रछाया,
घुमे जीवन पहिया।।
भूखे-प्यासे रहे हम,
बेछत, बेघर रहे हम,
बेमन से, बेजान-से,
बोझा नित ढो रहे हम।।
प्यार-दुलार मिला नहीं
परवाह करे यार नहीं,
परम प्रभु की कृपा,
आशीष हमें मिले नहीं।।
जिंदगी की लड़ते जंग,
बहाते प्रेम रस धार गंग,
सपने सुनहरे हैं बड़े,
स्नेह दीप रंगबिरंग।।
हार नहीं मानेंगे हम,
हौसले से उड़ान भरेंगे हम,
विकासपथ पर बढें निरंतर,
शिक्षा वरदान पायेंगे हम।।
मेहनत से नाता हमारा,
मित्रता का रिश्ता प्यारा,
जिओ और जीने दो,
जीवन मंत्र हैं हमारा।।
स्वरचित मौलिक रचना
चंचल जैन
मुंबई, महाराष्ट्र