सच; एहसास और यादें
सच; एहसास और यादें

आज कुछ लिखने का मन है,
पर समझ नहीं आ रहा कि क्या लिखूँ… 🤍


क्या लिखूँ खुद के बारे में,
या उन लोगों के बारे में
जिन्होंने मुझे तोड़ा… 💔
या लिखूँ उन पलों के बारे में
जिन्होंने मुझे मज़बूत बनाया… ✨


क्या लिखूँ अपनी दोस्तियों के बारे में, जो हमेशा साथ रही,


या उन रिश्तों के बारे में
जो बाहर से साथ रहे,
पर भीतर से खोखले थे… 🌫️


या लिखूँ उन अच्छी यादों के बारे में
जो आज भी मुस्कुराने की वजह देती हैं… 😊
या लिखूँ उन लम्हों के बारे में
जब भीड़ में खड़े होकर
मैंने खुद को तन्हा महसूस किया… 🌙


या लिखूँ अपनी काल्पनिक दुनिया के बारे में,
जहाँ सब वैसा था
जैसा होना चाहिए था… 🌈
या लिखूँ उन रातों के बारे में
जब सच्चाई बहुत भारी हो जाती थी… 🌑


शायद आज शब्द कम हैं,
पर एहसास बहुत गहरे हैं… 🌿

निधि A. ✍️💫


    द्वारा Nidhii A
    Shared11 Jan 2026
    Start10 Jan 2026
    End10 Jan 2031
    इस पर लोग क्या कह रहे हैं