11673816738modify दोहावलीजन सेवा की कामना, जीव दया का भान। खिलते फूलों सी महक, मेरी है पहचान।।पायल की छमछम भरे, मन में प्यार दुलार।मनहर नाद निनाद हैं, घुँघरू की झंकार ।।चंचल जैनLabelDirected by द्वारा चंचल जैनShared19 Dec 2024Start19 Dec 2024End19 Dec 2029 The Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैंटिप्पणी लिखेंSundeep Jain13-Sep-2025CommentLikeअत्युत्तम सृजन दोहावली© टिप्पणी400 characters remainingजमा करेंरद्द करें