पठन -पाठन!
पठन -पाठन!

#दिनांक-19-6-202५

यूॅं देखें तो आजादी उपरांत 
शिक्षित हुआ है देश‌‌, अपेक्षाकृत  
बढ़ा है पठन पाठन ।

बढ़ा पठन पाठन 
बनिस्बत पहले से,
बस बदल गये है 
सामाग्री व साधन।

पहले रहती थी किताबें फिजीकल 
पढ़ने में अब 
डिजीटल पर जोर ,
बदले मन 
मूल्य व मानक।

आनलाईन ,ई-बुक
 सुविधा सुलभ, 
रहने से बढ़ा है लेखन।

हर विषय देखो तो हाथ में है
किसी वक्त 
भी लगालो आसन।
महाभारत 
रामायण या जो चाहे आगम
चाहा विषय मिल जाएगा
मिलेगा ज्ञान दर्शन ।

रुचियां बदली, 
रूतबा बदला, 
बदला समय 
बदले शोध व छानक।

पढ़ना चाहिए हर विषय 
को, जो जो भी चाहे 
संगीत हो या वादन। 

हर विषय  क्षेत्र का कीजिए 
ज्ञान अर्जित,
पढ़ोगे ऐसा जो ,सृजन 
में हो सहायक ।

धर्म -अध्यात्म ज्ञान - विज्ञान , 
शस्त्र शास्त्र 
रहते  विषय 
सब मनभावन।

पशु -पक्षी जीव जन्तु 
जगत विज्ञान, 
पेड़ पौधों का संज्ञान,
शरीर विज्ञान, 
योग स्वास्थ्य के साधन।

ऋतु विज्ञान पढ़ें कि कब आता है 
जेठ या कब 
रहता है सावन।

पाक शास्त्र व 
शाकाहार का महत्व
करना सारा अध्ययन 
रखना मन पर संयम ।

ज्ञान अर्जन कर पठन पाठन से , 
लें जानकारी 
देश विदेश की
वो पढ़ें जो 
संवारता हो जीवन।।

मत पढ़ना कोई बीभत्स 
घृणित सामाग्री, जो 
बनें प्रगति में बाधक ।।

स्वरचित:अशोक दोशी
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