24334323343modify एक योगी से प्रेम हुआएक योगी से प्रेम हुआमन उनमे विलीन हुआप्रेम का अर्थ समझाने कोवह योग में लीन हुआयह योग हैं ज्ञान काराम रुपी प्रज्ञान कासत्य के आह्वान काअनंतकालीन वाग्दान काइस योग में प्रेम, अतह हैंअश्रु-सिक्त विरह हैंपर राम-रुपी प्रज्ञान केज्ञान-दीप का उजाला हैंखो जाओ तुम मतवाले होउस संस्कृति के रखवाले होजीवन के हर क्षण में तुमउस योगी-प्रेम के हवाले हो।LabelDirected by द्वारा Sraboni DasShared04 Oct 2025Start04 Oct 2025End04 Oct 2030 The Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैंटिप्पणी लिखेंकुसुम सुराणा05-Oct-2025CommentLikeसुन्दर Sundeep Jain15-Oct-2025CommentLikeबहुत खूब.. दीप से दीप जलेंगे तो जीवन रोशन हो जायेगा! प्रेरणादायक सुन्दर प्रस्तुति!Bhavesh Jain15-Nov-2025CommentLikeबहुत सुंदर Neetu Jain16-Jan-2026CommentLikeसुन्दर एक योगी से प्रेम हुआ© टिप्पणी400 characters remainingजमा करेंरद्द करें