एक योगी से प्रेम हुआ
एक योगी से प्रेम हुआ
एक योगी से प्रेम हुआ
मन उनमे विलीन हुआ
प्रेम का अर्थ समझाने को
वह योग में लीन हुआ

यह योग हैं ज्ञान का
राम रुपी प्रज्ञान का
सत्य के आह्वान का
अनंतकालीन वाग्दान का

इस योग में प्रेम, अतह हैं
अश्रु-सिक्त विरह हैं
पर राम-रुपी प्रज्ञान के
ज्ञान-दीप का उजाला हैं

खो जाओ तुम मतवाले हो
उस संस्कृति के रखवाले हो
जीवन के हर क्षण में तुम
उस योगी-प्रेम के हवाले हो।

    द्वारा Sraboni Das
    Shared04 Oct 2025
    Start04 Oct 2025
    End04 Oct 2030
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