°°°°“होली"°°°° ( एक रंग भाव का)
°°°°“होली"°°°° ( एक रंग भाव का)

होली नहीं है केवल पर्व बल्कि भारतीय संस्कृति की है पहचान भी

बुराई पर अच्छाई की जीत का है प्रमाण भी...


न केवल होलिका के अभिमान का अंत है बल्कि भक्त प्रह्लाद की सच्ची भक्ति है और स्वाभिमान भी...


न केवल अधर्म पर धर्म की जीत है, बल्कि सदियों से चली आ रही एक आस्था और रीत है...


न केवल रंगों और खुशियों का बिखराव है...

स्वार्थ की इस धूप में अपनेपन की छांव है...


हवा में उड़ता जब रंग यहां, हर रंग जब महकता है

भुला कर गिले शिकवे हर कोई गले जब लगता है...


इंसानियत को दी जाती है तव्वजो हर इंसान मायने रखता है...


न केवल रंगों का निशान है, हर मधुर रिश्ते की एक चहकती मुस्कान है...

अपनापन जब लगे सभी से नहीं रहता कोई अनजान है ...


मिल जाते है अपने अपनों से कहां किसी का नुकसान है ...


होली लाती है खुशियां, दूर होती सारी फ़रियाद हैं...

होली सिर्फ़ त्यौहार नहीं हर बचपन की प्यारी सी एक याद है...


रंग–रंगीला भारत मेरा इससे मेरी शान है...

केसरिया, सफ़ेद, नीला, हरा इन रंगों से तिरंगे की पहचान है...


रंग–बिरंगे रंगों और पिचकारी की फुहार है...

खान–पान के शौकीनों को एक स्वादिष्ट उपहार है...


न केवल रंग, और होली के मधुर गीत हैं...

बृज की होली और राधा की कृष्ण संग प्रीत है...


लाल, पीला, नीला, गुलाबी हर रंग की अपनी ख्याति है...

रंग–रंगीला भारत मेरा, मुझे मेरी संस्कृति बहुत भाती है।।


{Janvi Karyani}


    द्वारा Janvi Karyani
    Shared13 Mar 2025
    Start13 Mar 2025
    End13 Mar 2030
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