22562525625modify माँ जगदम्बा!चैत्र मास वासंतिक आया , शुभारम्भ है खास।तेजस स्वरूप माँ जगदम्बा, जागी मन में आस।।खल संहारक मात भवानी, देना निर्भय दान।भारत भू का हर बाशिंदा, पाएं जग में मान।।स्वरचित तथा मौलिक,कुसुम अशोक सुराणा, मुंबई, महाराष्ट्र।LabelDirected by द्वारा कुसुम सुराणाShared30 Mar 2025Start29 Mar 2025End29 Mar 2030 The Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैंटिप्पणी लिखेंYuvit Sonu Jain26-Oct-2025CommentLikeबिल्कुल दिल को छू लेने वाली रचनाYuvit Sonu Jain14-Apr-2026CommentLikeवाह! ❤️❤️माँ जगदम्बा!© टिप्पणी400 characters remainingजमा करेंरद्द करें