संगीत घनाक्षरी छंद!
संगीत घनाक्षरी छंद!

दिनांक: 23/6/2025
विषय: संगीत  
विधा: रूप घनाक्षरी!

हो जीवन में संगीत,
    राग से रखना प्रीत,
       बनेंगे हमारे मीत,
          गाते रहे गीत गान।१।

  रहे गायन सात्विक, 
     अभिप्राय हो मार्मिक,
       देगा सुख मानसिक,
         हो गीत का रस पान ।२।

करें रोगों का निदान, 
    लगा गीत में  वो ध्यान, 
       गायें इसे कृष्ण कान,
         बढ़े आकर्षण शान।३।


आज कल के गीत,
     कान फोड़ू वो संगीत,
       भले न होवे प्रतीत,
         संस्कृति का घटा मान।४।

स्वरचित:अशोक दोशी
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