23456424564modify संगीत घनाक्षरी छंद!दिनांक: 23/6/2025विषय: संगीत विधा: रूप घनाक्षरी!हो जीवन में संगीत, राग से रखना प्रीत, बनेंगे हमारे मीत, गाते रहे गीत गान।१। रहे गायन सात्विक, अभिप्राय हो मार्मिक, देगा सुख मानसिक, हो गीत का रस पान ।२।करें रोगों का निदान, लगा गीत में वो ध्यान, गायें इसे कृष्ण कान, बढ़े आकर्षण शान।३।आज कल के गीत, कान फोड़ू वो संगीत, भले न होवे प्रतीत, संस्कृति का घटा मान।४।स्वरचित:अशोक दोशीLabelDirected by द्वारा अशोक दोषीShared23 Jun 2025Start22 Jun 2025End22 Jun 2030 The Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैंटिप्पणी लिखेंकुसुम सुराणा25-Jun-2025CommentLikeवाह! सुन्दर प्रस्तुति!अशोक दोषी17-Jul-2025CommentLikeबहुत आभार Pranal Jain05-Dec-2025CommentLikeबहुत खूब!संगीत घनाक्षरी छंद!© टिप्पणी400 characters remainingजमा करेंरद्द करें