मैं तुम्हें कुछ देने के लायक तो नहीं.. पर मैं तुम्हें छोटी छोटी खुशियां देना चाहती हूं...
मैं तुमसे कभी न बिछड़ने का इक वादा देना चाहती हूं...
तुम्हारे बालों को सहला कर तुम्हें प्यार थोड़ा ज्यादा देना चाहती हूं...
तुम्हें अपनी बाहों में ले कर अपनेपन का एक विश्वास देना चाहती हूं...
तुम्हें होंसला दे कर आसमान में उड़ने का एक ख्वाब देना चाहती हूं...
जो तुम्हें तुम्हारी मां की गोद में मिलता है...मैं तुम्हें वो सुकून देना चाहती हूं...
तुम्हें अपने सपनों को पूरा करने का एक जुनून देना चाहती हूं...
तुम्हारी हिमायत जो सदा करे इश्क का वो कानून देना चाहती हूं..
तुम पर हमेशा खुशियां बरसाता रहे.. तुम्हें मैं वो मानसून देना चाहती हूं...
मैं तुम्हें वो सब देना चाहती हूं.. जो तुमने कभी चाहा हो...
कभी बोला हो किसी से या कभी कहना भी न चाहा हो...
मैं चाहती हूं तुम्हें मिले हर वो चीज़ जिसके तुम हकदार हो...
पूरा ज़माना ले तुमसे प्रेरणा ऐसा तुम्हारा किरदार हो...