राखी का इंतज़ार
राखी का इंतज़ार
सावन के शुरू होते ही 
बहन का दिल में आती
उमंग की एक लहर 
बल्लियों उछलता है दिल 
शुरू होती, गिनती उलटी 
एक एक दिन लगता पहाड़ 
कब आएगी श्रावण पूर्णिमा 
कब धरूंगी अपने पांव, मायके की दहलीज पर 
मां और पापा से मिलन होगा 
इंतजार कर रहे होंगे भैया -भाभी 
कब आएगी बहना हमारी 
कब सजेगी राखी से कलाई 
नेक मैं पूरी श्रद्धा से दूंगा 
आशीर्वाद से उसकी झोली भर दूंगा 
कसम खाता हूं, एक भी आंसू 
अपनी बहन का, गिरने न दूंगा 
ये प्यार का रिश्ता जीवन भर निभाऊंगा उसके हर सुख-दुख का साथी रहूंगा।

चन्दा डांगी रेकी ग्रेंडमास्टर 
      मंदसौर मध्यप्रदेश

    द्वारा Chanda Dangi
    Shared07 Aug 2025
    Start07 Aug 2025
    End07 Aug 2030
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