1103411034modify बैसाखी की लख लख बधाइयाँ!Play Audioशीर्षक : बैसाखी!पंथ खालसा जन्मा, जश्न मनाने आओ।बैसाखी का मौका, खूब भाँगड़ा पाओ।।खेतों में लहराएं, पके धान की बाली।गिद्दा पा कर देती, कुडियाँ सब को गाली।। स्वरचित तथा मौलिक,द्वारा कुसुम अशोक सुराणा, मुंबई, महाराष्ट्रLabelDirected by द्वारा कुसुम सुराणाShared14 Apr 2026Start14 Apr 2026End14 Apr 2027Your browser does not support the audio element. The Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैंटिप्पणी लिखेंबैसाखी की लख लख बधाइयाँ!© टिप्पणी400 characters remainingजमा करेंरद्द करें