नारी कमजोर नहीं, बल्कि शक्तिशाली है
नारी कमजोर नहीं, बल्कि शक्तिशाली है


हमारे समाज में अक्सर महिलाओं को मन से कमजोर माना जाता है, पर यह बिल्कुल सच नहीं है। महिलाएँ हमेशा से बहुत शक्तिशाली रही हैं। इस दुनिया में आदमी यह बात भूल जाते हैं कि उन्हें इस संसार में लाने वाली भी एक महिला ही होती है।

महिलाएँ केवल घर ही नहीं संभालतीं, बल्कि वे काम करके परिवार का सहारा भी बन सकती हैं। पता नहीं क्यों लोगों को यह गलतफहमी है कि महिलाएँ सिर्फ घर संभालने के लिए ही होती हैं। अगर समाज में पुरुष और महिला के बीच कोई भेदभाव न हो, तो यह संसार सबसे सुंदर बन सकता है।

आज भी कई लोग महिलाओं को केवल घर की नौकरानी समझते हैं और उन्हें ताने देते हैं। कुछ पुरुष यह सोचते हैं कि महिलाएँ उनके पैरों की जूती हैं। जब कोई महिला बाजार जाती है, तो कई लड़के उन्हें छेड़ते हैं। हमारे समाज में बहुत सी लड़कियाँ ऐसी हैं जो कुछ कह नहीं पातीं और चुपचाप घर लौट आती हैं।

यह सब बहुत गलत है। महिलाओं को अपने सम्मान और अधिकार के लिए खड़ा होना चाहिए, चाहे सामने कोई भी हो – पिता, भाई, पति या पूरा समाज। समाज को यह समझना चाहिए कि जिस देवी माँ की वह पूजा करते हैं, वह भी एक महिला ही हैं।

अगर महिलाओं का अपमान किया जाएगा, उन्हें पैरों की जूती समझा जाएगा, तो वही देवी माँ काली का रूप लेकर अन्याय का अंत भी कर सकती हैं।

मैं बस इतना कहना चाहती हूँ कि महिलाओं का सम्मान करो, उन्हें कमजोर मत समझो। वह दुर्गा भी बन सकती हैं और माँ अन्नपूर्णा भी, वह काली भी बन सकती हैं और सती भी।

महिलाएँ कमजोर नहीं, बल्कि बहुत शक्तिशाली होती हैं। वह बहन, बेटी, माँ और पत्नी हर रिश्ते में देवी का रूप हैं। नारी के बिना यह संसार अधूरा है। वह हर रिश्ते की जान है।

नारी का सम्मान तो स्वयं ईश्वर भी करते हैं, हम सब तो सिर्फ मामूली इंसान हैं। इसलिए नारियों का सम्मान करो, उन्हें पढ़ाओ-लिखाओ, उनकी इच्छाओं का आदर करो और उन्हें इस संसार में अपने पंख फैलाकर उड़ने दो।

 (Akshu Agnihotri) 🌸

    द्वारा Akshu Agnihotri
    Shared08 Mar 2026
    Start08 Mar 2026
    End08 Mar 2031
    इस पर लोग क्या कह रहे हैं