सुबह के हल्की हवा मे आप जरूरी हो
फूलों के सादगी मे आप जरूरी हो
सूरज के सुनहेला धुप में आप जरूरी हो
बारिश की पहली बूंदों में आप जरूरी हो
पतझड के दोपहर मे आप जरूरी हो
ओस के किरणों में आप जरूरी हो
ठंडक भरी रातों में आप जरूरी हो
चाय की चुसकी में आप जरूरी हो
मन के एहसास में आप जरूरी हो
जीवन के हर मोड पर आप जरूरी हो
आपके बिना शांसें न चलें
आपके बिना शामें न ढले
मेरे हर ख्वाबों में आप जरूरी हो
आप तो हर पल जरूरी हो
आपके बिना यह दुनिया अधूरी हो
ये पलकें झूकती हैं आपके लिए
मौसम रूकती हैं आपके लिए
मेरे गहरी नींद में आप जरूरी हो
आप न हो तो यह आंखें न देखें
आप न हो तो खुद को भूलना जरूरी हो
आपके बिना जिन्दगी का हर पल अधूरी हो
आप न हो तो मुझे जीवन जीने का हक न हो।।