जल से जीवन
पानी का संचय करे, जीवन दे जल धार।
बूंद-बूंद हैं कीमती, भरा रहे भंडार।।
झर झर झरने हैं झरे, करते मधुरिम शोर।
कलकल जल धारा बहे, हरियाला हो छोर।।
गंगा यमुना जल सदा, पावन, निर्मल जान।
कूडा हम फेंके नहीं, करना हैं आव्हान।।
सब मिल प्रण लेना हमें, स्वच्छ रखे जल धार।
जीवन दाता हैं नदी, फले, फुले संसार।।
स्वरचित मौलिक रचना
चंचल जैन
मुंबई, महाराष्ट्र