बेटियों से कल है बेटियों से कल है
हैं भावनाएं पावन, उनका हृदय सरल है
बेटों से आज होगा , पर बेटियों से कल है

हैं साक्षात लक्ष्मी, मान बेटियां हैं 
संसार में प्रभु का वरदान बेटियां हैं
मां के दिल का टुकडा़ है, जान बेटियां हैं
धैर्य सहनशक्ति की पहचान बेटियां हैं

धैर्य बेटियों का होता सदा अटल है
बेटों से आज होगा , पर बेटियों से कल है

बेटा अगर है अक्षर तो बेटियां हैं पुस्तक
हर एक रुप में है किरदार उनका रोचक
वो घर की शान हैं और परिवार का हैं रौनक
वो मन का चैन हैं और है आत्मा की ठंडक 

मुस्कान उनकी जैसे खिलता हुआ कमल है
बेटों से आज होगा , पर बेटियों से कल है

वो अपने भोलेपन से सबके करीब होती
वो कुछ न कहती मुंह से ,चाहे गरीब होती
औरों के मन से जीती इतनी अजीब होती
बेटा हो चाहे कुछ पर बेटी नसीब होती

औरों के नाम उसके जीवन का हरेक पल है
बेटों से आज होगा , पर बेटियों से कल है


    द्वारा Vikram Kumar
    Shared08 Mar 2026
    Start08 Mar 2026
    End08 Mar 2031
    इस पर लोग क्या कह रहे हैं