21426924269modify इमोजीइमोजीमेरे अंतस की भाव गंगा, प्रेषित करता है इमोजी।।साझेदार मेरे मानस का,परम मित्र, मेरा सहयोगी।।मनोभाव मानस दर्पण, हर संदेश का यह साक्षी।।मिडिया का हो सही उययोग,उपभोगी न बने इमोजी।।सोच समझ कर करे प्रयोग,कहता हैं प्यारा इमोजी।।स्वरचित मौलिक रचना चंचल जैनमुंबई, महाराष्ट्रLabelDirected by द्वारा चंचल जैनShared18 Jul 2025Start18 Jul 2025End18 Jul 2030 The Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैंटिप्पणी लिखेंIntranet Demo23-Jun-2026CommentLikeधन्यवाद!इमोजी© टिप्पणी400 characters remainingजमा करेंरद्द करें