Only In Your Arms Chapter 5
Only In Your Arms Chapter 5


Only In Your Arms Chapter -5
अब आगे ____
डाइनिंग टेबल पर आयु  अब मुस्करा कर  सामने बैठे हुए जय को देख रही थी जो उसे जैसे ही घूरता है तभी डर से आयु अपनी नजर चुराते हुए सर झुका कर ब्रेकफास्ट करने लगी।
क्योंकि जय को देख कर कुछ देर पहले वो जिस तरह से डर चीखी थी उस ने पूरा घर सर पर उठा लिया था जिस से जय ने उसे डांट कर अच्छी क्लास लगाई थी।

जय जो  अचानक से इंडिया आ चुका था जिस से सभी सप्राइज ओर खुश थे क्युकी उस ने पहले दिशा को ये कहा कि वो इंडिया वापिस आने वाला है।लेकिन कब आएगा ये बात नहीं बताई थी।

वही दिशा अपने बेटे को देख कर बहुत जायदा खुश थी इसलिए आज ब्रेकफास्ट उसी का पसंद बनाया था। जय आयु को घूर कर देख कर मन में कहता है।

" इस लड़की का कुछ नहीं हो सकता है, बेफकूफ़!"
कह कर जय ब्रेकफास्ट करने लगा। 
 अब आयु चोरी छिपे नजर बचा कर जय को देख रही थी। उस के  साथ बैठा हुआ वीर उसे ही  देख रहा था। जिस की ऐसी शरारत करते हुए देख कर वीर को अच्छा नहीं लगता है इसलिए वो आयु की प्लेट में से सारा खाना खा खुद खा लेता है। 

ये देख कर आयु अब वीर को गुस्से में घूर ने लगी।
वही वीर उसे जीभ दिखा कर वहां से उठ कर चला जाता है। आयु दिशा को देख कर रोनी सूरत बना कर हुए कहती है!
" मम्मा वीर ने जान बूझ कर मेरा ब्रेकफास्ट खा लिया। अब मैं क्या खाऊं।"

"ओह कोई बात नही बच्चा! तुम ओर लेलो "ये कह कर दिशा आयु की प्लेट में खाना डालने लगी।
 
"मॉम ये लड़की बीस साल की हो गई है! आप अभी तक इसे पैंपर करती रहती है। ओर ऊपर से इस की हरकत पहली जैसी है, कुछ भी नहीं बदला है। क्या ये कभी बड़ी नहीं हो सकती है।" जय ने दिशा से कहा।


उसे दिशा कुछ कहती तभी आयु जिसे जय की बात का बुरा तो लगा था पर फिर भी आयु मुस्कुराते जय से कहती हैं!
" मै भले ही कितनी भी बड़ी हो जाऊं। मैं बिल्कुल भी नहीं बदल सकती हूं, क्योंकि मम्मा का प्यार भी नही बदला है।"
 
वही ये सुन कर जय अपनी एक आई ब्रो उठा कर उसे देखने लगा तो वही दिशा मुस्करा देती है आयु का जवाब सुन कर।
 
"मॉम डैड कहां है!" जय ने अब आयु को इग्नोर कर के दिशा से पूछा। क्योंकि अभी तक विक्रम नीचे हॉल पर नहीं आया था।
 
"तुम्हारे डेड! मार्निंग वॉक पर गए हुए थे। लगता है रास्ते में किसी दोस्त से बात करते हुए अनहेल्दी फ़ूड खा रहे होंगे। क्युकी मार्निंग वॉक के नाम पर तुम्हारे डेड वैट लूज करने नहीं वैट को गेन करने जाते हैं मैं तो परेशान हो गई हूं इन से!
 डॉक्टर ने उन्हें कुछ भी बाहर का खाने मना किया है लेकिन ये कभी बाज नही आते हैं। दिशा ने नाराज होते हुए कहा।
 

 जय कुछ कहता तभी घर के अंदर आते हुए विक्रम जी अपने हाथों में एक थैली ले कर आ गए।
विक्रम जय को जैसे ही देखता है तो हैरान हो जाता है लेकिन तभी जय विक्रम के पास आ का उसे हग कर लेता है। जिस से विक्रम मुस्करा कर कहते हैं।
"अच्छा हुआ तुम आ ही गए वरना तुम्हारी मॉम तुम से नाराज हो जाती क्योंकि पिछली बार तुम ने कहा तुम आ रहे हो पर आए नहीं!"


"डेड मेरी छोड़ो मैं तो मॉम को हैंडल कर लूंगा बट आप अपना देखिए।" कहते हुए जय उन्हें इशारा करते हुए दिशा को देख ने के लिए, बोल कर वहां से चला जाता है। उस के पीछे पीछे अब आयु भी उठ कर जाने लगती है।
 
वही विक्रम दिशा को देखते हैं जो उन के हाथ में पकड़ी हुई थैली को घूर रही थी।
जिसे देख कर अब विक्रम जल्द ही अपने पीछे छुपा कर दांत दिखा कर दिशा को देख कर बोलते हैं।
"अच्छा हुआ जय वापिस आ गया न।"

" हाथ में क्या है?" दिशा ने अपनी आंखे चढ़ा कर पूछा 

"क क्या ?" विक्रम जी ने हकलाते हुए कहा।

"क्या मतलब ! मैने पूछा कि इस बार क्या उठा कर ले कर आए हो तुम जिसे तुम ने अपने हाथ से पीछे छुपा कर रखा है।".... दिशा ने गुस्से में कहा।

 विक्रम जी डरते हुए लेकिन मुस्कुरा कर थली को आगे करते हुए दिशा को दिखा कर कहते हैं ।
" शर्मा जी की फेमस मीठी कोचोरिया।"


वही ये सुन कर दिशा विक्रम के हाथ से थेली लेते हुए उन्हें ये कह देती है कि इसे खाने से उन की हेल्थ पर फर्क पड़ता है और वो ये नहीं खा सकते हैं।
इसलिए उस थैली को आयु ओर वीर को देने को कह कर वहां से चली जाती है।जिसे बस हताश होते हुए विक्रम जी मायूस हो जाते हैं क्युकी उन्हें कोचरी खाने का बड़ा मन था।
 


वही दूसरी तरफ
जय जैसे ही अपने रूम मे आता है तभी पीछे मुड़ जाता है और गुस्से में आयु को सामने देख कर बोलता है!
" अब क्या है। तुम मुझे फॉलो क्यों कर रही हो।"
आयु जो जय के पीछे पीछे उस के रूम में आ गई थी

 जय की बात सुन कर आयु मुंह बना कर कहती है ।
" गुस्सा क्यों कर रहे हो!"
 
"देखो मेरा मूड बहुत ज्यादा खराब है तो निकलो यहां से " जय ने उसे जाने के लिए कहा।



आयु उसे कहती है।
" तुम्हारा मूड हर वक्त मुझे देख कर खराब ही रहता है तो मेरे लिए नई बात नहीं है। खेर छोड़ो और ये बताओ तुम मेरे लिए कुछ ले कर आए हो।" कहते हुए आयु की आंखो में चमक थी।
 
जय अपनी आंखे छोटी छोटी करते हुए घूर कर देख कर बोलता है ।
" तुम कही कि प्रिंसेस हो जिसे मेरी मोम की तरह सब ग्रीट और हर वक्त पैंपर करेगा। ओर मेरे पास तो इतना फालतू वक्त नहीं है कि मै तुम्हारे लिए कुछ ले कर आऊं।"


"ठीक ठीक है! जा रही हूं इतनी जायदा मेरी इज्जत उतारने की कोशिश मत करो।" कह कर आयु वहां से चली जाती है।
 जय अपने रूम का दरवाजा बंद कर देता है। तभी उस का फोन रिंग होता है। जिस पर वह अपने फोन पर देखता है जो रात्रि का नाम फ्लैश हो रहा था।


 To be continue 

आगे की कहानी जानने के लिए पढ़ते रहिए" Only in Your Arms" 
कमेंट ओर लाइक जरूर करना।
Author KT Girl 
 Thank you 
 

    द्वारा KT Girl
    Shared04 Jan 2025
    Start04 Jan 2025
    End04 Jan 2030
    इस पर लोग क्या कह रहे हैं