Only In Your Arms Chapter 7
Only In Your Arms Chapter 7
 
Only In Your Arms Chapter -7   
अब आगे 
 सुबह हो गई थी और जय जिस की आदत थी सुबह जल्दी उठने की इसलिए वह जिम करके अपने रूम आता है और वाशरूम में शावर लेने चला जाता हैं।
जिस का मूड  काफी अच्छा लग रहा था और वो रेड्डी हो अपने रूम से बाहर आता है तो नीचे हॉल में दिशा को देखता है जो  हमेशा की तरह सब से पहले उठ कर घर के काम को निपटा रही थी।

अभी आयु ओर वीर सोए थे तो वही विक्रम जी कुछ देर पहले ही अपनी मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे।

 जय  दिशा के पास उसे कहता है।
"मॉम मुझे आप से कुछ इंपोट बात करनी है।।"

वही अब जय ओर दिशा दोनो गार्डन में बने हुए एक छोटे से टेबल के सामने कुर्सी पे बैठे हुए थे जहां दिशा उसे कॉफी देते हुए कहती है।
" जय अगर तुम फिर से मुझे ये कहना चाहते हो कि तूम आयु से शादी नही कर सकते हो। तो मैं तुम्हे बता दूं कि शादी तो तुम्हारी आयु के साथ ही होंगी।"

 

"ओके मॉम मै आयु से शादी करने के लिए हूं" जय ने बहुत ही शांत आवाज में कहा।

उस की बात सुन कर दिशा जी मुस्करा देती है लेकिन ये मुस्कान उस के चेहरे पर जायदा नहीं रहती है जब जय अपनी बात आगे कहते हुए बोला।
" मॉम मै शादी करने के लिए तैयार हूं लेकिन अगर ये शादी के लिए आयु खुद मना कर दें तो क्या आप फिर भी जबरदस्ती हमारी शादी करना चाहती है।"


"आयु को कोई प्रोब्लम नही है क्योंकि वह कभी भी मेरी बात को टाल नहीं सकती है। तो तुम्हे उस के लिए सोचने की जरूरत नहीं है।" दिशा ने साफ़ साफ़ शब्दों में कहा।

 
"ओके मॉम लेकिन मैं बोल रहा हूं कि आयु खुद आप से कहेंगी कि वो मुझ से शादी नहीं करना चाहती है तो फिर आप क्या करेगी।" जय ने पूछा।

 

"अगर ऐसा होता है तो मै तुम दोनो की शादी खुद कैंसल कर दूंगी ! लेकिन मुझे पता है वो कभी नहीं ये बात अपने मुंह से नहीं कह सकती है।"दिशा ने पूरे कॉन्फिडेंस में कहा।

सुन कर जय कुछ नहीं कहता है । आराम से कॉफी पीने लगा। लेकिन इस वक्त उस के दिमाग में कुछ चल रहा था जिस का अंदाजा दिशा जो बिल्कुल नहीं  था।

 
वहीं रोज की तरह आयु तैयार हो कर वीर के साथ कॉलेज जाने के लिए दिशा को बाय बोल कर वीर की बाइक पर बैठ ने के लिए जा रही थी कि वही जय उस के सामने एक दम से खड़ा हो जाता है जिस के ठीक सामने आयु रुक जाती है। 

 उसे देख कर स्माइल कर रहा था। जिसे देख कर आयु शॉक्ड हो गई थी कि अब एक दम से जय को क्या हुआ जो लड़का हर वक्त अपनी भूरी आंखों से उसे गुस्से से घूरता रहता है वो उसे देख कर स्माइल कर रहा था।

 आयु को तो विश्वाश नही होता है वो अपने हाथ में पकड़े हुए कॉलेज बेग को छोड़ कर अपने दोनो हाथों से अपनी आंखे मलती हे तो कंफर्म करते हो खुद से मन में कहती हैं।

" हां ये तो सच में मुझे ही देख कर स्माइल कर रहा है। मैं बिल्कुल भी सपना नहीं देख रही हूं।" 
कह कर आयु को जितनी खुशी हो रही थी उतनी ही शर्म आ रही थी कि  वीर वहां पर आ गया था।
 आयु का बेग जो नीचे गिर चुका था उसे वीर खुद उठा कर आयु का हाथ पकड़ कर उसे अपने साथ ले जाते हुए बोला।

" मोटी क्या कर रही है? क्या आज भी तुम्हे क्लास के लिए लेट होना है।"

ये कह कर वीर आयु को जय के सामने रखा ले जा रहा था कि जय आयु का दूसरा हाथ पकड़ लेता है जिस से आयु अपनी आंखे बड़ी बड़ी करते हुए जय को देखने लगी और वही वीर जय से कहता है ।

" ब्रो!  आयु का हाथ छोड़िए हमे कॉलेज जाना है।"

 

जय आयु का हाथ अच्छे से पकड़ कर वीर के पास आकर वीर के हाथ से आयु का बेग लेते हैं उसे आयु का हाथ छोड़ने के लिए कहते हुए कहता  है।
" वीर तुम जाओ! मैं खुद आयु को कॉलेज ड्रॉप कर दूंगा। मुझे आयु से कुछ काम हे।"

 

वही आयु जो आज जय की बात सुन कर सच में शॉक्ड हो जाती है क्युकी जिस तरह से उस ने उस का हाथ पकड़ा हुआ था और अभी खुद उसे अपने साथ ले जाने के लिए बोल रहा था।  आयु के पेट पर बहुत सारी बटरफ्लाई उड़ रही थी। पूरा दिल गार्डन गार्डन हो गया था।


"लेकिन आयु रोज मेरे साथ जाती है। ओर आप को आयु से क्या काम हे। क्योंकि आज से पहले तो आप को आयु के साथ क्या सामने उन्हें से भी चीड़ होती थी तो आज क्या बात है।" वीर ने कहा।

"मैने कहा ना मुझे आयु से कुछ काम है तो तुम जाओ।ओर वैसे भी एक दिन ये तुम्हारे साथ नहीं जाएगी तो कोई आफत नहीं आ जाएगी।" जय ने उसे रुड होते हुए कहा।

वीर आयु को देखता है जो बस अपनी चमकीली प्यारी आंखों से बस जय को देख रही थी ।
ये देख कर वीर आयु का हाथ छोड़ कर मुंह बना कर वहां से चला जाता है ।
 
वही अब आयु जय के साथ उस की कार में बैठी हुई थी जो खुद कार ड्राइव कर रहा था।
फिलहाल कार में इस वक्त शांति की जगह खामोशी थी। जिसे मेहसूस करते हुए आयु अपना गला साफ करते हुए कुछ पूछ पाती तभी जय कार ड्राइव करते हुए बिना आयु की तरफ न देख कर सामने देख कर  प्यार से बोलता है 

" क्या आज तुम अपना कॉलेज ड्रॉप कर के मेरे  साथ घूमना पसंद करोगी। "

वही आयु जो पूरी कर से शॉक्ड मे थी क्योंकि जैसे को आज आखिर क्या हुआ है। इसलिए बिना पलके झुका कर जय को देख रही थी।

वही आयु का जवाब का वैट कर रहा जय कार में ब्रेक लगा देता है और फिर आयु की तरफ देख कर मुस्करा कर कहता है ।

" मैने तुम से कुछ पूछा है, कि तुम मेरे साथ आज 
घूमने चलोगी।"

 
जारी रहेगी 📖📖📖📖
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Author KT Girl 
Thank you 🙏 
 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


 

 

 

 

 

 


    द्वारा KT Girl
    Shared06 Jan 2025
    Start06 Jan 2025
    End06 Jan 2030
    इस पर लोग क्या कह रहे हैं